श्री बांकड़े हनुमान मंदिर (प्राचीन घाटी सिद्धपीठ, ए.बी. रोड)
एबी रोड की प्राचीन विंध्य घाटी सिद्धपीठ — 11वीं सदी का चमत्कारिक स्वयंभू विग्रह
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इस पेज पर गणना आपके डिवाइस पर होती है। लोकेशन सहेजी नहीं जाती। कैटलॉग पिन की समीक्षा जारी है।
🛣️ कहाँ से कितनी दूरी (सटीक सड़क मार्ग विवरण)
100% Road Distance| प्रारंभिक बिंदु (Starting Point) | सड़क दूरी (किमी) | अनुमानित समय | उपलब्ध साधन |
|---|---|---|---|
| कलेक्टरेट शून्य बिंदु (GPS Geodesic) | 9.5 किमी (हवाई रेखा) | नक्शा संदर्भ | सड़क दूरी ~11 किमी |
| शिवपुरी बस स्टैंड (Bus Stand) | 11 किमी | मार्ग व यातायात पर निर्भर | ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सी, कार |
| शिवपुरी रेलवे स्टेशन (SVPI) | 8.5 किमी | मार्ग व यातायात पर निर्भर | स्टेशन ऑटो व टैक्सी सेवा |
| कोर्ट रोड कार्यालय (Bharti Infotech) | 9 किमी | मार्ग व यातायात पर निर्भर | लोकल ई-रिक्शा / पैदल / बाइक |
| ग्वालियर एयरपोर्ट (GWL Airport) | 112 किमी | मार्ग पर निर्भर | NH-46 4-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग |
| झाँसी जंक्शन (VGLJ Station) | 107 किमी | मार्ग पर निर्भर | NH-27 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर |
🚗 सड़क मार्ग विवरण: पक्की सड़क मार्ग द्वारा 11 किमी। कलेक्टरेट से दो बत्ती चौराहा और ग्वालियर रोड (AB Road) होते हुए उत्तर दिशा में लगभग 9.5 से 11 किमी पर घने जंगल की घाटी के मोड़ पर स्थित है।
⚠️ सड़क दूरी अस्वीकरण (Road Distance Disclaimer): दूरियां कैटलॉग से हैं; सभी मार्ग स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं। सड़क और सीधी हवाई दूरी अलग हैं। यात्रा से पहले सही प्रवेश-स्थान व मार्ग जाँचें।
🚗 कैसे पहुँचें (हवाई, रेल, सड़क एवं स्थानीय साधन)
✈️ निकटतम हवाई अड्डा (By Air)
निकटतम एयरपोर्ट ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल (GWL) है, जो NH-46 (आगरा-मुंबई 4-लेन कॉरिडोर) से लगभग 122 किमी दूर है (सड़क मार्ग से 2 से 2.5 घंटे)।
🚆 निकटतम रेलवे स्टेशन (By Train)
शिवपुरी का अपना चालू रेलवे स्टेशन 'शिवपुरी रेलवे स्टेशन (SVPI)' (पश्चिम मध्य रेलवे) है, जहाँ दिल्ली, मुंबई, ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, कोटा और गुना से सीधी ट्रेनें आती हैं। वैकल्पिक बड़े जंक्शन झाँसी (VGLJ - 98 किमी, NH-27) और ग्वालियर (GWL - 118 किमी, NH-46) हैं।
🛣️ सड़क मार्ग (By Road)
शिवपुरी NH-46 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर) और NH-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर) के संगम पर स्थित है। ग्वालियर, झाँसी, भोपाल, इंदौर, कोटा और जयपुर से 24x7 एसी/स्लीपर बसें व टैक्सी उपलब्ध हैं।
🛺 स्थानीय परिवहन सलाह (Local Transport Tips)
शहर के भीतर माधव चौक, कोर्ट रोड, राजेश्वरी रोड, छतरी रोड और रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा (₹10–₹20 प्रति सवारी) एवं ऑटो-रिक्शा (₹50–₹150 रिजर्व) आसानी से उपलब्ध हैं।
🏨 ठहरने के प्रमुख विकल्प एवं होटल्स
✓ सत्यापित संपर्क व दरेंMPT Tourist Village, Shivpuri
📍 भदैया कुंड के पास, सर्कुलर रोड, शिवपुरी (म.प्र.) 473551
💰 ₹2,800 – ₹4,800
शांत प्राकृतिक वातावरण, रेस्टोरेंट, सुरक्षित पार्किंग, झील व कुंड के समीप
Hotel Sonchiraiya (MPT Associate)
📍 सर्कुलर रोड, शिवपुरी (म.प्र.) 473551
💰 ₹2,200 – ₹3,800
फैमिली रूम, एसी कॉटेज, लॉन, नेशनल पार्क बाईपास निकट
Hotel Siya Glitz / Landmark
📍 एबी रोड / झांसी तिराहा, शिवपुरी (म.प्र.) 473551
💰 ₹1,800 – ₹3,200
आधुनिक सुविधाएं, रेस्टोरेंट, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के समीप
📜 A to Z प्रामाणिक इतिहास एवं स्थापत्य कला
कालखंड: कच्छपघात एवं उत्तर-मध्यकाल (लगभग 11वीं–16वीं शताब्दी से पूजित स्वयंभू शिला विग्रह)शिवपुरी से ग्वालियर जाने वाले राजमार्ग पर माधव नेशनल पार्क (माधव टाइगर रिज़र्व) की सुरम्य पहाड़ियों और घनी घाटी के बीच स्थित 'श्री बांकड़े हनुमान मंदिर' जिले का सबसे चमत्कारी और प्रसिद्ध संकटमोचन धाम है। यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा तिरछी एवं बांकी मुद्रा ('बांकड़े' अर्थात बांकी/टेढ़ी अदा वाले वीर स्वरूप) में पर्वत शिला से प्रकट हुई मानी जाती है। शताब्दियों से इस घने जंगल और घाटी से गुजरने वाले व्यापारी काफिले और यात्री बांकड़े हनुमान जी की शरण लेकर ही आगे बढ़ते रहे हैं।
🏛️ स्थापत्य कला एवं निर्माण शैली:
पहाड़ी घाटी के ढलान पर निर्मित विशाल मंदिर परिसर, संगमरमर का सभामंडप, स्वर्ण/रजत श्रृंगार युक्त गर्भगृह और सामने बहता मौसमी पहाड़ी नाला व कुंड।
प्रमुख ऐतिहासिक तथ्य (Key Historical Facts):
- ग्वालियर-आगरा मार्ग पर चलने वाला लगभग हर ट्रक, बस और कार चालक इस मंदिर के सामने रुककर या शीश नवाकर ही घाटी पार करता है।
- यहाँ मंगलवार और शनिवार को हजारों श्रद्धालु पैदल (नंगे पैर) शिवपुरी शहर से दर्शन करने पहुंचते हैं।
- हनुमान जयंती पर यहाँ लाखों भक्तों का विशाल मेला और अखंड भंडारा आयोजित होता है।
🙏 लोक-मान्यताएं, जनश्रुतियां एवं धार्मिक परंपराएं
✨ मुख्य मान्यता एवं पौराणिक जनश्रुति:
जनश्रुति के अनुसार प्राचीन काल में यह घाटी अत्यंत दुर्गम थी जहाँ जंगली हिंसक पशुओं और दस्युओं का भय रहता था। एक संत की तपस्या से प्रसन्न होकर हनुमान जी ने यहाँ 'बांकड़े' (तिरछे वीर) रूप में प्रकट होकर वचन दिया कि जो भी यात्री इस घाटी में उनका स्मरण करेगा, उसकी सदैव रक्षा होगी। आज भी मान्यता है कि बांकड़े बाबा की कृपा से इस घाटी में भक्तों की गाड़ी कभी दुर्घटनाग्रस्त नहीं होती।
🌸 सांस्कृतिक व सामाजिक महत्व:
शिवपुरीवासियों की सबसे बड़ी आस्था का केंद्र; किसी भी नए वाहन की खरीद, विवाह या शुभ कार्य का प्रथम निमंत्रण बांकड़े हनुमान जी को ही दिया जाता है।
🎪 वार्षिक मेले एवं पर्व उत्सव:
- हनुमान जन्मोत्सव (चैत्र पूर्णिमा) लक्खी मेला एवं छप्पन भोग
- मंगलवार एवं शनिवार पैदल परिक्रमा व चोला अर्पण
ℹ️ पर्यटक उपयोगी जानकारी (समय, शुल्क व सावधानियां)
🕒 समय (Timings):
05:30 AM – 08:30 PM
🎟️ प्रवेश शुल्क (Entry Fee):
निःशुल्क
🌤️ भ्रमण का सर्वोत्तम समय (Best Season):
वर्ष भर; मानसून और सर्दियों में घाटी की हरियाली के बीच दर्शन का अनुभव अद्भुत होता है (सुबह 6:00 से शाम 7:30 बजे तक)।
⚠️ सुरक्षा सलाह (Safety Advisory):
यह क्षेत्र माधव टाइगर रिज़र्व के वन गलियारे में आता है; बंदरों को खाने की चीजें देते समय सावधानी रखें और देर रात जंगल में अकेले न रुकें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
बांकड़े हनुमान मंदिर शिवपुरी से कितनी दूर है?
यह जिला कलेक्टरेट से लगभग 9.5 किमी (और बस स्टैंड से लगभग 11 किमी) उत्तर में ग्वालियर-शिवपुरी ए.बी. रोड की घाटी में स्थित है।
इन्हें 'बांकड़े' हनुमान क्यों कहा जाता है?
यहाँ विराजे हनुमान जी की प्राचीन प्रतिमा की मुद्रा हल्की तिरछी ('बांकी') होने के कारण इन्हें बुंदेली/स्थानीय भाषा में 'बांकड़े हनुमान' कहा जाता है।